Dhahte Biswas Kahani
ढहते विश्वास
सात कोड़ी होता
दोस्तों इस पोस्ट में मैं आपलोगों को Dhahte Biswas Kahani का सारांश के साथ परीक्षा में पुछे जाने वाले VVI प्रश्नो के उत्तर भी बताने वाला हूँ । अगर आपलोग गणित विषय की तैयारी करना चाहते हैं तो आप हमारे Youtube Channel Unlock Study पर जाकर कर सकते हैं।
लेखक परिचय:-सातकोड़ी होता उड़िया के एक प्रमुख कथाकार हैं। इनका जन्म 29 अक्टूबर 1929 ई० में मयूरभंज, उड़ीसा में हुआ था। अबतक इनकी एक दर्जन में अधिक पुस्नाहें प्रकाशित हो चुकी हैं। होता जी भुवनेश्वर में भारतीय रेल यातायात सेवा के अंतर्गत रेल समन्वय आयुक्त व उड़ीसा सरकार के वाणिज्य एवं यातायात विभाग में विशेष मचिव तथा उड़ीसा राज्य परिवहन निगम के अध्यक्ष रह चुके हैं। इनके कथा साहित्य में उड़ीसा का जीवन गहरी अतिरिकता के साथ प्रकट हुआ है। यह कहानी राजेन्द्र प्रसाद मिश्र द्वारा संपादित एवं अनूदित ‘उड़िया की चर्चित कहानियाँ’ (विभूति प्रकाशन, दिल्ली) से यहाँ साभार संकलित है।
सारांश
Dhahte Biswas Kahani
Dhahte Biswas Kahani:-उड़ीसा के प्रमुख कथाकार सातकोड़ी होता द्वारा रचित ‘ढहते विश्वास’ शीर्षक कहानी एक चर्चित कहानी है। इस कहानी में मानवीय मूल्यों का सफल अंकन किया गया है। वस्तुतः होताजी के कथा-साहित्य में उड़ीसा के गहरी जीवन की आंतरिकता का उल्लेख मिलता है। उड़ीसा का जन-जीवन प्रायः बाढ़ और सूखा से प्रभावित रहता है।
इस कहानी में बाढ़ से प्रभावित लोगों की जीवन शैली के साथ-साथ एक माँ की वात्सल्यता का चित्रण मिलता है। इस कहानी की प्रमुख पात्रा लक्ष्मी है। उसका पति कलकत्ता में नौकरी करता है। पति के पैसे से उसकी गृहस्थी नहीं चल पाती है इसलिए वह तहसीलदार साहब के घर में काम कर अपना जीवन यापन करती है। देबी नदी के तट पर बसा हुआ उसका गाँव बाढ़ से हमेशा प्रभावित हो जाता है। इस वर्ष उसे सूखा के साथ-साथ बाढ़ का भी प्रकोप सहना पड़ता है। लगातार वर्षा होने के कारण नदी का बाँध टूट जाता है। बाढ़ की विकरालता जन-जीवन को निःशेष करने लगती है।
लक्ष्मी अपनी संतान के साथ ऊँचे टीले की ओर दौड़ती है। देखते-देखते पानी उसके गर्दन तक पहुँच जाता है। किसी तरह वह बरगद के पेड़ पर आश्रय पाती है। उसका आत्म विश्वास ढहने लगता है। उसे लगता है कि मृत्यु अब समीप है। साड़ी के आधे भाग से वह अपनी शरीर को बाँध लेती है। कुछ देर के बाद ही वह अचेत हो जाती है। चेतना आते ही वह अपने छोटे बच्चे को ढूँढने लगती है। टहनियों के बीच फंसे हुए एक बच्चे को उठा लेती है। मृत-अर्द्धमृत वह बच्चा उसका नहीं है फिर भी उसे अपने स्तन से लगा लेती है। उस समय लक्ष्मी के मन में केवल ममत्व था । वस्तुतः इस कहानी के द्वारा लेखक मानवीय मूल्यों को उद्घाटित किया है।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
1. ‘ढहते विश्वास’ किस भाषा से अनुदित है?
(A) कन्नड़
(B) तमिल
(C) उड़िया
(D) गुजराती
(C) उड़िया
2. ‘ढहते विश्वास’ कहानी किस लेखक द्वारा अनुदित है?
(A) राजेन्द्र प्रसाद मिश्र
(B) बी० आर० नारायण
(C) गोपाल दास नागर
(D) के ए० जमुना
(A) राजेन्द्र प्रसाद मिश्र
3. लक्ष्मी कहानी की केन्द्रीय पात्र है?
(A) ढहते विश्वास
(B) धरती कब तक घूमेगी
(C) माँ
(D) नगर
(A) ढहते विश्वास
4. बाढ़ की समस्या कहानी के केन्द्र में है?
(A) मौ
(B) ढहते विश्वास
(C) नगर
(D) धरती कब तक घूमेगी
(B) ढहते विश्वास
5. ‘ढहते विश्वास’ कहानी की प्रमुख पात्र हैं?
(A) मंगम्मा
(B) सीता
(C) लक्ष्मी
(D) पाप्पाति
(C) लक्ष्मी
6. लक्ष्मी का पति में नौकरी करता था?
(A) बम्बई
(B) दिल्ली
(C) जयपुर
(D) कलकत्ता
(D) कलकत्ता
7. किस नदी के बाँध के नीचे लक्ष्मी का घर था?
(A) गंगा
(B) यमुना
(C) सरस्वती
(D) देवी
(D) देवी
8. लक्ष्मी के पति का क्या नाम है?
(A) वीरेन्द्र
(B) लक्ष्मण
(C) राजनेश
(D) महेश
(B) लक्ष्मण
9. ‘ढहते विश्वास’ कहानी में किस राज्य को बाद एवं सूखा से प्रभावित दिखाया गया है?
(A) उड़ीसा
(B) बिहार
(C) नेपाल
(D) केरल
(A) उड़ीसा
10. ‘ढहते विश्वास’ कहानी में स्कूल कहाँ है?
(A) पठार के नीचे
(B) टीले के नीचे
(C) पहाड़ के नीचे
(D) पेड़ के नीचे
(B) टीले के नीचे
11. लक्ष्मी के बड़े लड़के का नाम क्या था?
(A) आदित्य
(B) अमित
(C) अमर
(D) अच्युत
(D) अच्युत
12. लक्ष्मण कहाँ नौकरी करता था?
(A) बम्बई में
(B) मद्रास में
(C) कलकत्ता में
(D) दिल्ली में
(C) कलकत्ता में
13. कौन हल्ला कर बाढ़ से सबको सचेत कर रहे थे?
(A) चंदरा
(B) गुणनिधि, अच्युत
(C) शंकर, मकरा
(D) इनमें से सभी
(D) इनमें से सभी
14. ‘ढहते विश्वास’ कहानी के सम्पादक कौन हैं?
(A) ईश्वर पेटलीकर
(B) सातकोड़ी होता
(C) श्रीनिवास
(D) सुजाता
(B) सातकोड़ी होता
15. ‘स्वेच्छासेवक दल’ का गठन किसने किया ?
(A) गुणनिधि ने
(B) लक्ष्मी ने
(C) सरपंच ने
(D) केशव ने
(A) गुणनिधि ने
16. “तुरई के फूल की तरह खिल-खिलाकर हँसते लोग सहसा मुरझा गये”- यह पंक्ति किस कहानी की है?
(A) घरती कब तक घूमेगी
(B) नगर
(C) मर्मों
(D) ढहते विश्वास
(D) ढहते विश्वास
17. लक्ष्मी अपनी दोनों लड़कियों और छोटे बेटे को सुलाकर कहाँ गयी?
(A) खलिहान में
(B) गुहाल में
(C) रसोई में
(D) कमरे में
(B) गुहाल में
18. घर पर दो लड़कियों और सालभर के लड़के को लेकर कौन अकेली है?
(A) पड़ोसन
(B) लक्ष्मी
(C) शंकर की बहन
(D) गुणनिधि की माँ
(B) लक्ष्मी
19. सातकोड़ी होता का जन्म कब हुआ था?
(A) 24 अक्टूबर, 1927 ई०
(B) 11 अक्टूबर, 1928 ई०
(C) 29 अक्टूबर, 1929 ई०
(D) 30 अक्टूबर, 1930 ई०
(C) 29 अक्टूबर, 1929 ई०
20. सातकोड़ी होता किस भाषा के प्रमुख कथाकार हैं?
(A) पंजाबी
(B) अंग्रेजी
(C) उड़िया
(D) हिन्दी
(C) उड़िया
21. ‘ढहते विश्वास’ शीर्षक कहानी में, तूफान में किसका घर टूट गया था?
(A) गुणनिधि का
(B) सरपंच का
(C) तहसीलदार का
(D) लक्ष्मी का
(D) लक्ष्मी का
22. कटक शहर को बाढ़ की चपेट से बचाने के लिए किसने पत्थर का बाँध बँधवाया था?
(A) राजा खारवेल ने
(B) राजा ओड ने
(C) महाराज ययाति केशरी ने
(D) राजा स्कन्दवर्मन ने
(C) महाराज ययाति केशरी ने
23. ‘ढहते विश्वास’ शीर्षक पाठ के रचनाकार का नाम क्या है?
(A) श्रीनिवास
(B) ईश्वर पेटलीकर
(C) सुजाता
(D) सातकोड़ी होता
(D) सातकोड़ी होता
24. बारिश होते देश किसे लग रहा था जैसे इस बार भी बाढ़ आयेगी?
(A) रानी को
(B) लक्ष्मी को
(C) आरती को
(D) राधा को
(B) लक्ष्मी को
25. ‘बहते विश्वास’ कहानी में कैसी समस्या का वर्णन है?
(A) दहेज की समस्या
(B) अकाल की समस्या
(C) बाद की समस्या
(D) घूसखोरी की समस्या
(C) बाद की समस्या
लघु उत्तरीय प्रश्न
1. लक्ष्मी कौन थी ?
उत्तर:- लक्ष्मी उड़ीसा की रहनेवाली थी। देवी नदी के बाँध के नीचे उसका घर था। पति लक्ष्मण कोलकाता में कहीं नौकरी करते थे। लक्ष्मी के चार बच्चे थे। लक्ष्मण की कमाई से भरण-पोषण नहीं होता था सो लक्ष्मी तहसीलदार साहब के यहाँ छिटपुट काम कर कुछ पैसे पा लेती थी। पुरखों की छोड़ी एक बीघा खेती थी और जमीन का एक टुकड़ा। बाढ़ और सूखे की चपेट में रहने के कारण यह सब काम न आता था। लक्ष्मी की गृहस्थी बड़ी मुश्किल से चलती थी।
2. लक्ष्मी की पारिवारिक परिस्थिति का वर्णन करें।
उत्तर:- “ढहते विश्वास” कहानी की प्रमुख पात्रा लक्ष्मी थी। उसका पति लक्ष्मण कलकत्ता (वर्तमान में कोलकाता) में कहीं पर नौकरी करता था। पति से जो राशि उसे प्राप्त होती थी उससे घर-गृहस्थी का खर्च नहीं चलता था। अतः वह तहसीलदार साहब की हवेली में काम करके किसी प्रकार जीवनयापन कर लेती थी। पूर्वजों द्वारा छोड़ा गया एक बीघा खेत में उसने खेती करवाई। वर्षा नहीं होने के कारण अंकुर जल गए। एक तरफ सूखा की मार तो दूसरी तरफ लगातार वर्षा होते रहने से लक्ष्मी का हृदय काँप उठा। उसे बाढ़ का भयावह दृश्य याद आने लगा।
3. ‘बहते विश्वास’ कहानी में आये बाढ़ के दृश्यों का चित्रण अपने शब्दों में प्रस्तुत करें।
उत्तर:- प्रस्तुत कहानी में आये हुए बाढ़ का दृश्य बड़ा ही त्रासदीपूर्ण था। देवी नदी के किनारे स्थित लक्ष्मी का गाँव प्रायः बाढ़ की चपेट में आ गया था। पड़ोस का लड़का गुणनिधि घर-घर जाकर सचेत कर दिया कि महानदी का ऊपरी और निचला छोर – दोनों पानी में हुब चुके हैं, बारिश थमकर सास भी नहीं ले रही है, नदी नालों का पानी बढ़ता ही जा रहा था। पलभर में शोर-शराबा मच गया पूरे गाँव में। टीले के नीचे स्थित स्कूल पानी में डुम गया। स्कूल की छत पर जिन्होंने आश्रय लिया था. -उनके घुटनों पर पानी था। चारों तरफ चीत्कार सुनाई पड़ रही थी।
4. ‘बहते विश्वास’ कहानी की लक्ष्मी का चरित्र-चित्रण करें।
उत्तर:- लक्ष्मी उड़ीसा की रहनेवाली थी। देवी नदी के बाँध के नीचे उसका घर था। पति लक्ष्मण कोलकाता में कहीं नौकरी करते थे। लक्ष्मी के चार बच्चे थे। लक्ष्मण की कमाई से भरण-पोषण नहीं होता था सो लक्ष्मी तहसीलदार साहब के यहाँ छिटपुट काम कर कुछ पैसे पा लेती थी। पुरखों की छोड़ी एक बीमा खेती थी और जमीन का एक टुकड़ा। बाद और सूखे की चपेट में रहने के कारण यह सब काम न आता था। लक्ष्मी की गृहस्थी बड़ी मुश्किल से चलती थी।
5. कहानी के आधार पर प्रमाणित करें कि उड़ीसा का जनजीवन बाढ़ और सूखा से काफी प्रभावित है।
उत्तर:- ‘ढहते विश्वास’ शीर्षक कहानी में विश्वास के उठ जाने का वर्णन हुआ है। जनता को विश्वास था कि उसकी विपत्ति में उसके आराध्य देवता उसकी मदद करते हैं। पर, भीषण बाढ़ में जनता के आराध्य देवता ने उसकी मदद नहीं की। देवता के प्रति जनता का विश्वास समाप्त हो गया।
6. क्या ‘ढहते विश्वास’ शीर्षक कहानी का शीर्षक सार्थक है? विचार करें।
उत्तर:- रचनाकार को यह छूट है कि वह अपनी रचना का शीर्षक जो चाहे रखे। किन्तु सिद्धांततः शीर्षक के सम्बन्ध में शास्त्रों का विचार है कि यह मूलभाव का द्योतक, आकर्षक और छोटा अर्थात् संक्षिप्त होना चाहिए। इस दृष्टि से विचार करने पर हम पाते हैं कि पूरी कथा में बाढ़ और उससे बचने के प्रयास में मनुष्य के विश्वास को उतना दिखलाया गया है। बाढ़ से निजात पाने के लिए देवी-देवताओं से की गई प्रार्थना, मनौतियाँ व्यर्थ होती हैं। इस प्रकार यह शीर्षक मूलभाव को व्यक्त करता है। इस प्रकार, ‘ढहते विश्वास’ उपयुक्त शीर्षक है।
7. लक्ष्मी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालें।
उत्तर:- लक्ष्मी उड़ीसा के गाँव की घरेलू स्त्री है, कर्मठ है। पति लक्ष्मण कोलकाता में काम करते हैं और जो कुछ भेजते हैं उससे चार बच्चों का पालन-पोषण नहीं होता तो तहसीलदार साहब के यहाँ छिटपुट काम कर खाना-दाना करती है। वह पतिपरायण है। पति के परदेशी होने का उसे दुःख है, फिर भी अच्छे दिन के इन्तजार में जी रही है। लक्ष्मी को आकाश का ज्ञान है। देखते ही वर्षा होने-छूटने का अनुमान कर लेती है। वह सामाजिक भी है। जब बाढ़ का खतरा आता है तो अपने बेटे को खुशी-खुशी बाँध की रक्षा करने के लिए भेज देती है और लड़कों का उत्साह भी बढ़ाती है। लक्ष्मी दूरदर्शी और चतुर है। बाढ़ की संभावना से बचने के लिए बोरे में चिवड़ा भरकर रख लेती है, गाय-बछड़े का पगहा खोल देती और बकरियों को खुला छोड़ देती है। लक्ष्मी ममतामयी है। जब बाढ़ आती है तो अपने बच्चों को लेकर सुरक्षित स्थान को चल पड़ती है। बड़े बेटे के लिए पीछे मुड़-मुड़कर देखती है, उसके लिए उसका जी कचोटता है और बाढ़ में जब उसके गोद का बच्चा बह जाता है तो चीखती-चिल्लाती है किन्तु एक दूसरे नन्हें बच्चे को देखकर स्नेहवश अपने मुँह में अपना स्तन लगा देती है, उसे यह भी सुध नहीं है कि वह बच्चा इस संसार में नहीं है। इस प्रकार, लक्ष्मी कर्मठ, कुशल पतिपरायण, दायित्वबोध वाली स्त्री और ममतामयी माँ है।
8. लक्ष्मी कौन थी और उसका घर कहाँ था? ‘ढहते विश्वास’ शीर्षक कहानी के अनुसार लिखें।
उत्तर:- लक्ष्मी ‘ढहते विश्वास’ कहानी की प्रमुख पात्रा है। उसका पति (लक्ष्मण) कलकत्ता में नौकरी करता है। पति द्वारा प्राप्त राशि से उसका घर-गृहस्थी नहीं चलता है तो वह तहसीलदार साहब के घर का कामकर किसी तरह जीवन-यापन कर लेती है। देवी नदी के बाँध के नीचे लक्ष्मी का घर था।
9. ‘दहते विश्वास’ शीर्षक कहानी के लेखक का नाम क्या है? इस कहानी में किस राज्य को बाढ़ एवं सूखा से प्रभावित दिखाया गया है?
उत्तर:- उड़ीसा के जन-जीवन का सफल चितेरा सातकोड़ी होता ने अपनी इस कहानी में उड़ीसा की बाढ़ और सूखा का प्रत्यक्ष प्रतिविम्ब प्रस्तुत किया है। तूफान के बाद सूखा और उसके बाद बाढ वहाँ के जनजीवन को अस्त-व्यस्त करके हर समय बेसहारा बना देता है। महानदी का हीराकुंड बाँध और अयाति द्वारा निर्मित पत्थर का बाँध भी उनकी रक्षा नहीं कर पाते। सूखे में विचई तक सूख जाते हैं और बाढ़ में असंख्य धन-जन की हानि होती रहती है।
10. बाढ़ आने के पहले लक्ष्मी ने क्या किया ?
उत्तर:- बाढ़ आने के पहले लक्ष्मी ने अपने घर को सुरक्षित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियों कीं। उसने अपने सामान को ऊँचाई पर रखा और अपने परिवार के सदस्यों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की योजना बनाई, ताकि वे बाढ़ से सुरक्षित रह सकें।